मैं अपना व्यक्तिगत अनुभव आप सभी से साझा करना चाहता हूँ । आज की इस दौड़ती भागती ज़िंदगी में वक्त के साथ – साथ हर चीज बदल चुकी है। लोगों का खान पान , रहन सहन , किसी चीज को देखने का नज़रिया  यहाँ तक कि नियमित दिनचर्या भी बदल चुकी है । कई लोग रात  में काम करते हैं  और दिन में सोते हैं । उगते हुये सूर्य को देखना भी उनके लिए किसी सपने से कम नहीं । थोड़ी देर शांत बैठकर सोचने का भी किसी के पास समय नहीं है कि हम क्या कर रहे हैं, कहाँ भागे जा रहे हैं आखिर क्या पाना चाहते हैं, जीवन में दौलत , शोहरत, खुशी या मन की शांति । कई लोग अठारह घंटे काम करते हैं, पैसे भी खूब कमा रहे हैं, फिर भी उनके चेहरे पर वो ताज़गी नहीं रहती जो होनी चाहिए इसका मुख्य कारण है कि वो अपने मन को  शांत रखकर कैसे काम करें , ये नहीं समझ पाते और देखते ही देखते ज़िंदगी का एक खासा वक्त गुज़र जाता है और मन को शांत रखना उनके लिए लगभग नामुमकिन सा हो जाता है यहाँ तक कि मैं चारों तरफ देख रहा हूँ कि कई लोग तो मनोरोगी हो जाते हैं । मैं कम से कम शब्दों में अपनी बात खत्म करने की कोशिश कर रहा हूँ अगर आपका मन शांत है, आप मानसिक रुप से स्वस्थ हैं तो आप शारीरिक रुप से भी स्वस्थ होंगे और जो भी काम कर रहे हैं वो

बहुत अच्छे ढंग से करेंगे , आपके चेहरे पर रौनक दिखेगी और आपका जीवन लोगों की नज़र मे बहुत सुन्दर होगा ।

मन को शांत और  स्वस्थ रखने के लिये कुछ मुख्य बातें :-

(1) आप पूरे 24 घंटे मे से आधे घंटे वो काम करिये जिसमें आपको आनन्द आता हो चाहे वो बच्चों

के साथ खेलना हो,संगीत सुनना हो, पौधों को पानी देना, कोई वाद्य यंत्र बजाना हो या जिसमें भी आपको मज़ा आये और थोड़ी देर के लिये आप शांत हो जाये, सब कुछ भूल जाये और उसी मे खो जायें।

(2) यहाँ ध्यान दीजिये कि मानसिक रोगी के लिये ध्यान करना काफी मुश्किल होता है लगभग

असम्भव ।

ये क्रिया जो मैं बताने जा रहा हूँ आप बिस्तर पर लेटकर भी कर सकते हैं। आप बिस्तर

पर सीधे लेट जाये ,तकिया ना लगायेँ रीढ़ की हड्डी सीधी हो और धीरे धीरे अपना ध्यान अपनी

साँसों पर ले जाये आप मह्सूस करेंगे कि आपके मन की उथल-पुथल् धीरे-धीरे शांत हो रही है और

साँसों की गति धीमी होती जा रही है।

ये क्रिया शुरुआत में आप बस 10 मिनट कीजिए इसके बाद एक और क्रिया आपको 5 मिनट करनी है, इस क्रिया में आप अपनी अधिकतम क्षमता तक गहरी साँस अंदर लें कुछ क्षण तक रोककर रखें जितनी भी देर तक आप आसानी से साँसों को रोक सकते है इसके बाद बाहर छोड़ें । साँसों का अंदर लेना और बाहर छोड़ना आप शुरुआत में बस 5 मिनट कीजिये । इस क्रिया से आपके मन का तनाव दूर होगा, बहुत अच्छा और हल्का महसूस होगा आपके मन को बहुत शांति मिलेगी । एक दिन आएगा जब आपको इस क्रिया में आनंद आने लगेगा और  बार बार इस क्रिया को करने की इच्छा मन में उत्पन्न होगी । बस उसी दिन से आपके मन की सारी उथल पुथल स्वतः ही शांत होने लगेगी और जो भी कार्य आप कर रहे है उसमें भी मन लगेगा आपके चेहरे पर निखार आप खुद अनुभव करेंगे । आपके मन की बहुत शांति मिलेगी ।मैं पहले ही कह चुका हूँ कि मैं अपना व्यक्तिगत अनुभव साझा कर रहा हूँ, दोस्तो जिंदगी आपकी है इसलिए निर्णय भी आपको ही लेना है कि आप कैसी जिंदगी जीना चाहते है । अशांत मन कभी कोई अच्छा और सुंदर कार्य नहीं कर सकता इसलिए मुझ पर थोड़ा सा भरोसा रखकर शुरुआत करें बस 15 मिनट कि ये क्रिया आपके मन को शांत कर सकती है आपके जीवन को सुंदर बना सकती है ।

धन्यवाद

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